
हाल ही में सामने आई एप्सटीन फाइल्स की सच्चाई अब लोगों के जेहन के गायब सी हो चुकी है।
आखिर कौन था जेफरी एप्सटीन और क्या है एप्सटीन फाइल :
न्यू यॉर्क के सी गेट सोसाइटी जहां इमिग्रेंट (ऐसे लोग जो कहीं से आकर स्थायी रूप से बस जाते हैं ) कम्युनिटी की संख्या ज्यादा है।
उसी कम्युनिटी से था सीमौर एप्सटीन जोकि गार्डनर था। उसके घर 20 January 1953 को एक लड़का पैदा हुआ और उस लड़का का नाम जेफरी एडवर्ड एप्सटीन रखा गया ।
एप्सटीन अपने हमउम्र बच्चों की तुलना में मैथ में ज्यादा बेहतर था जिस वजह से उसे दो अलग अलग कक्षाएं माफ़ कर दी जाती है और इस तरह वो 16 साल के उम्र में ही स्कूलिंग कम्पलीट कर लेता है और न्यू यॉर्क के collage में दाखिला ले लिया।
पैसे की दिक्कत के वजह से टैक्सी चलाने का काम करता था।
लेकिन पैसे की दिक्कत के वजह से फीस डिपाजिट के लिए यूनिवर्सिटी में फेक चेक डिपाजिट किया और फिर यूनिवर्सिटी ने इसके ऊपर केस किया और इस तरह एप्सटीन ने collage से ड्रॉपआउट कर लिया।
मैथ में अच्छे होने की वजह से एप्सटीन को The Delton School में मैथ टीचिंग की जॉब मिल जाती है।
इस स्कूल में पढ़ाने के दौरान एप्सटीन पैरेंट टीचर मीटिंग में बच्चों के अभिभावक से मिलते थे और इस तरह बच्चों के पेरेंट्स एप्सटीन से बहुत प्रभावित हुए और उन्होंने एप्सटीन को अपने बच्चों के लिए होम टीचिंग का ऑफर किया और यहीं से एप्सटीन का जर्नी शुरू होता है जहाँ वो रिचेस्ट फैमिलीज़ के साथ लिंक बिल्डप करना शुरू करता है।
आखिर एक शिक्षक कैसे इतना बड़ा गुनेहगार बन गया :
The Delton School में कुछ ही समय के बाद बच्चों ने नोटिस किया की एप्सटीन एक टीचर होने के बावजूद छोटी छोटी बच्चियों से फ़्लर्ट करता है और उसका स्वाभाव बच्चियों के साथ अजीब था और धीरे धीरे ऐसी शिकायतें बढ़ते चले गए।
स्कूल मैनेजमेंट ने इस्थिति को मनझते हुए कानूनी झमेले में परे बिना एप्सटीन के ऊपर दबाव बनाया और June 1976 में एप्सटीन से इस्तीफा ले लिया।
स्कूल की बातें पब्लिक में ना आ पाने की वजह से एप्सटीन के बारे में किसी को कुछ नहीं पता था तो एप्सटीन को एक ट्रेडिंग कंपनी जिसका नाम था बेयर स्टर्न्स के सीनियर एग्जीक्यूटिव एलन ग्रीनबर्ग के बच्चों को पढ़ाने का काम मिल गया और इस तरह एलन ग्रीनबर्ग ने एप्सटीन को बेयर स्टर्न्स में जॉब लगवा दी।
इस तरह अब एप्सटीन एक ट्रेडिंग कंपनी का एम्प्लोयी बन चूका था।
कम्पनी में अपने कोवर्कर वीमेन एम्प्लॉई जो भी एप्सटीन के वर्क में में साथ देते थे ये उनसे नजदीकी बढ़या और अपने क्लाइंट्स के पास ये अट्रैक्टिव वीमेन एम्प्लॉई को भेजा करता था।
इसके साथ ही एप्सटीन ने अपने बॉस की बेटी लिन्ने ग्रीनबर्ग को डेट करना सुरु कर दिया और साथ ही एक और एम्प्लोयी पाउला हिल को भी डेट करना शुरू कर दिया जहाँ पाउला हिल के कनेक्शन बड़े बड़े लोगों के साथ था ।
पर यह सब लम्बे वक़्त तक नहीं चला कमपनी के काम से जुड़े फाइनेंस में हेर फेर के कारन एप्सटीन पर मीटिंग्स बैठाया गया जिसके बाद 25 मार्च 1981 को एप्सटीन कंपनी से रिजाइन कर देता है।
एप्सटीन कंपनी से खली हाथ नहीं जा रहा था अब उसके पास कंपनी के रिचेस्ट पर्सन्स के नेटवर्क थे और साथ उनके फाइनेंसियल स्टेटस के सारी जानकारी ले कर निकला था। एप्सटीन का संबंध पाउला हिल से था और उसके नेटवर्क का एप्सटीन ने बहुत फायदा उठाया ।
पाउला हिल के नेटवर्क सपोर्ट से एप्सटीन आर्म्स डील में इन्वॉल्व हो जाता है और फिर अपनी खुद की कंपनी ओपन कर उसके जरिये ये आर्म्स डीलिंग का सारा मैनेजमेंट सँभालने लगा और इस तरह अपने क्लाइंट्स हैंडल करने लगा।
अब एप्सटीन का उठना बैठना हाई प्रोफाइल आर्म्स डीलर्स के साथ था तो सानो सौकत वाली जी रहा था पर एप्सटीन को हमेशा से लोगों के कमजोरियों का पता लगाकर उसका फायदा उठाना पसंद था।
एप्सटीन एक सेक्स एडिक्ट था। इस तरह एप्सटीन किसी काम से 1984 में साउथ कैरोलिना के हिल्टॉन हेड आइलैंड पर जाता है और वहां उसने एक छोटी लड़की जिकसका नाम तहत जेन डो जो एक बेबी सिटर का काम करती थी और फिर एप्सटीन जेन डो को बेबी सिटींग के काम के लिए ऑफर करता था और फिर एप्सटीन उसे धोखे से ड्रग्स देकर उसका रेप करता है।
और उसके बाद एप्सटीन जेन डो को उसके गलत फोटोग्राफ्स के जरिये ब्लैकमेल करना शुरू कर देता है और उसे पाने रिच क्लाइंट्स के पास जाने पर मजबूर कर देता है।
यही वह शुरुवात थी जब एप्सटीन को पता चला की इस तरह वह बड़े लोगों को इस तरह की सर्विस ऑफर कर के उन्हें अपने ऊपर डिपेंड कर सकता है और और फिर बाद में उन बड़े लोगों के इस तरह के डिटेल्स कलेक्ट कर खुद को सिक्योर कर सकता है क्योंकि अगर किसी ने कुछ भी बातें लीक की तो उसके गलत फोटोग्राफ लीक कर वायरल कर देगा और यही वजह तहत की कानून भी इसका कुछ नहीं कर पा रही थी।
साल 1991 में एप्सटीन न्यू यॉर्क में एक हाई सोसाइटी पार्टी अटेंड करने जाता है जहाँ उसकी मुलाकात होती है Ghislaine Maxwell से होती है जो कि एक बहोत बड़े मीडिया टाइकून की बेटी थी पर उस वक़्त उसके पिता हल में गुजर गए थे और उसके पिता का बिज़नेस भी बैंक्रप्ट यानि दिवालिया हो चुकी थी तो एप्सटीन ने इसे एक अच्छे मौके की तरह देखा और Ghislaine Maxwell को पानी गर्लफ्रेंड बना लेता है अब Ghislaine Maxwell जो कि एक बहोत बड़े बिज़नेस टाइकून की बेटी थी तो उसके जो नेटवर्क थे रिच पर्सन्स के साथ उसका फायदा एप्सटीन को मिला।
Ghislaine Maxwell जो की अब एप्सटीन की गर्लफ्रेंड बन चुकी थी उसे भी पैसों की जरूरत थी तो एप्सटीन ने जो खुद का बिज़नेस बनाया था लड़कियों को रिचेस्ट पर्सन्स के पास भेजने का उस बिज़नेस में उसने Ghislaine Maxwell को शामिल कर लिया और अब Ghislaine Maxwell लड़कियों को लाने और उसे क्लाइंट्स के पास भेजने का काम करती थी और इस तरह एप्सटीन फाइल्स की शुरुआत हुई।
खासकर स्कूल और कॉलेज की लड़कियां जो गरीब घर से थी और वो लड़कियां जो इमोशनली वीक थी उन्हें इम्मोशनल सपोर्ट के नाम पर बुलाते थे फिर शॉपिंग करवाते उन्हें और कम्फर्टेबले फील करवाते थे इस बीच कई लड़कियों के पेरेंट्स से भी मिलते थे और फिर उन्हें धीरे धीरे अपने बिज़नेस के लिए पैसों का लालच दे कर और जो नहीं मानते उसे जबरन शामिल करते थे।
जेल में हुई जेफरी एप्सटीन की मौत:-
29 अगस्त 1996 को एप्सटीन के खिलाफ पहला केस फाइल होता है लेकिन एप्सटीन के अच्छे खासे डोनेशन मिलने की वजह से एप्सटीन को कुछ नहीं होता।
जब बहोत कम्प्लेंट्स आने लगे और लोग अगेंस्ट में उतर आए तो अब एप्सटीन ने एक खुद का आइलैंड खरीद लिया और वहीं से अपना बिज़नेस जारी रखा।
हाउस वर्कर्स को जॉइनिंग के टाइम हे फॉर्म सिग्न करवा लिया जाता की वो घर का अंदर किसी भी पर्सन या गेस्ट से बात नहीं कर सकते यहाँ तक की आंख मिला कर बात नहीं कर सकते।
दूसरा कंप्लेंट 14 मार्च 2005 को एक स्कूल अथॉरिटी की तरफ से किया जाता है की उनके बच्चों मसाज का नाम पर पैसों का लालच देकर उनके साथ गलत किया जा रहा है लोगों की संख्या ज्यादा होने की वजह से पहली बार कंप्लेंट रजिस्टर होता है।
इस बार कोर्ट में कई दिनों की हियरिंग के बाद 30 जून 2008 को एप्सटीन को दोसी पाकर अगले 18 महीने के लिए जेल हो जाता है।
एप्सटीन भले ही जेल में था पर उसे एक खास सेल में रखा गया था सुविधाओं के साथ और उसके लिए एक स्पेशल गारी खरी होती थी बहार बेड के साथ जिसमे लड़की पहले से होती थी। लेकिन फिर भी 10 अक्टूबर 2008 को एप्सटीन ने वर्क रिलीज़ के लिए अप्लाई किया और वो स्वीकृत भी हुआ और इस तरह वो दिन की 12 घंटे काम के नाम पर जेल से बाहर रह सकता था।
और इस तरह 22 जुलाई 2009 को अच्छे बर्ताव के नाम पर एप्सटीन को केवल 13 महीने पर जेल से रिहा कर दिया गया।
लेकिन 6 जुलाई 2019 को रिपोर्टर जूली ब्राउन के रिपोर्ट और पूरी मीडिया और लोगों के दबाव में दोबारा एप्सटीन को गिरफ़्तार किया जाता है।
इस बीच एप्सटीन के ठिकाने पर छपा मारा जाता है और वहा से रिकॉर्डिंग ड्राइव्स एंड एविडेन्स मिले जिसपर लोगों में इस बार बहोत आक्रोश था और इस बार एप्सटीन पर जेल में पूरी सख्ती दिखायी गयी कोई रियायत नहीं दी गयी।
लेकिन 10 अगस्त 2019 को एप्सटीन अपने ही सेल में मृत पाया गया और ध्यान देने की बात ये है की उसी वक़्त उस सेल के आस पास के सरे कमरे काम करना बंद कर देते हैं और कुछ भी रिकॉर्ड नहीं हो पाता । ऐसा कहा जाता है की बरी हस्तियों ने अपने सोर्स का इस्तमाल कर एप्सटीन को मरवाया है ताकि खुद तो बचा सकें।
बड़े लोगों में वो लोग जो एप्सटीन के आइलैंड पर जाया करते थे उनमें कुछ लोगों के नाम सामने आये है जो हैं :-
लोगों के दबाव बनाए जाने और लोगों के आक्रोश को देखते हुए एप्सटीन फाइल्स को 19 नवंबर 2025 को सार्वजनिक रूप से ऑनलाइन किया गया और फिर कुछ बड़े लोगों के नाम डाक्यूमेंट्स और कम्युनिकेशन डिटेल्स के आधार पर सामने आये डोनाल्ड ट्रम्प, बिल गेट्स, बिल क्लिंटन, स्टीफन हॉकिंग।
